Kuch tum Kaho Song Lyrics – Jannat Zubair | Jyotica Tangri

Kuch Tum Kaho Song Lyrics – Jannat Zubair | Jyotica Tangri – Jyotica Tangri Lyrics

Singer Jyotica Tangri
Singer Raghav Sachar
Music Raghav Sachar
Song Writer Rashmi Virag

Music Label & Credit : Zee Music Company

kuch tum kaho jannat जुबैर के गीतों को ज्योतिका तांगड़ी ने गाया है।
kuch tum kaho jannat zubair के बोल राघव सच्चर द्वारा कंपोज़ किए गए हैं।


Lyrics in Hindi


कुछ तुम कहो कुछ हम कहें फिर हो शुरू ये दास्तां
ये तो कहानी है अपने प्यार की
बेताब धड़कन के इकरार की
दिल में है क्या तुम जान लो
जो हम कहें मान लो मान लो जान लो
कुछ तुम कहो …

होश है कहीं ना करार है
दर्द है अजब सा खुमार है
ओ क्या करें दीवानों सा हाल है
हर घड़ी तुम्हारा ख्याल है
नींद भी आए ना रात भर
ढूँढती तुम्हे हर घड़ी नज़र
तुमको नहीं शायद इसकी है खबर
चाहेगा न कोई तुमको इस कदर
दिल में है क्या …

हम तेरी बाहों में सो गए
चैन की पनाहों में खो गए
ओ इक हसीं सुहानी सी शाम दें
आ तुझे मोहब्बत का नाम दें
हम सभी रस्मों को तोड़ दें
तुम कहो तो दुनिया भी छोड़ दें
होके जुदा इक पल ना रह पाएंगे
रोएंगे तड़पेंगे हम मर जाएंगे
दिल में है क्या …


Lyrics in English


You say something, I say it, then you start this story
This is the story of your love
Desperate beat
Do you know in your heart
Believe what we say, know it
anything you say …

There is no agreement
Pain is strange
What are you doing
Every watch is for you
Don’t sleep even overnight
Seeks you every moment
You may not know the news
Nobody would want you like this
Is there anything in my heart …

We slept in your arms
Lost in peace
O ik haseen suhani si sham di
Come give me the name of love
We break all the rituals
If you say leave the world too
I will not be able to live any longer
We will cry we will die

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